Haryana Govt HRMS Portal| हरियाणा में वित्त विभाग के अधिकारी-कर्मचारी परेशान, एचआरएमएस पोर्टल का पंगा, 14 महीने से एसीपी ड्यू
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हरियाणा में वित्त विभाग के अधिकारी-कर्मचारी परेशान; एचआरएमएस पोर्टल का पंगा, 14 महीने से एसीपी ड्यू

Haryana Govt HRMS Portal

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Haryana Govt HRMS Portal: दूसरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत। ये कहावत हरियाणा के वित्त विभाग पर अक्षरत सही बैठती है। हरियाणा के फाइनेंस विभाग ने विभिन्न विभागों को एचआरएमएस पोर्टल की मार्फ्त एसीपी स्कीम अपनाने की हिदायत दी थी लेकिन अपने मुलाजिमों की एसीपी करना ही भूल गया। विभाग की इस नजरांदाजी से अधिकारी व कर्मचारी बहुत परेशान हैं और सैकड़ों अनुभाग व लेखा अधिकारी अपनी एसीपी होने की बाट जोह रहे हैं।

राज्य के कुछ विभागों को छोड़ दें तो किसी ने भी अभी तक फाइनेंस विभाग की वर्ष 2018 में जारी नोटीफिकेशन पर अमल नहीं किया है। केवल शिक्षा विभाग ही एचआरएमएस पोर्टल को लेकर फाइनेंस विभाग के निर्देशों पर कुछ अमल कर पाया है। 15 जुलाई 2022 को फाइनेंस विभाग ने एक पत्र निकाला था जिसमें आदेश दिया गया था कि 1 अगस्त 2022 से मैनुअल तौर पर एसीपी की अनुमति नहीं होगी। दूसरे विभाग तो इस पर क्या अमल करते, फाइनेंस विभाग ने ही अपने इन आदेशों पर अमल नहीं किया।

1 जुलाई 2022 से 70 अनुभाग अधिकारियों(एसओ) व 1 सितंबर 2022 से 110 लेखा अधिकारियों (एओ) का एसीपी ड्यू है लेकिन 14 माह बीतने के बाद भी यह नहीं किया जा रहा। एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) के तहत मुलाजिमों का एक निश्चित अवधि के बाद पे-स्केल बढ़ता है। इसके तहत 8 साल, 16 साल व 24 साल के बाद पे-स्केल बढऩे का प्रावधान है। फाइनेंस विभाग में तैनात 70 अनुभाग अधिकारियों व 110 लेखा अधिकारियों का शिड्यूल मुताबिक एसीपी नहीं हो पाया। तय समयसीमा से 14 माह ज्यादा गुजर चुके हैं।

मुखयमंत्री ने दिया था बयान

हरियाणा के मुखयमंत्री मनोहर लाल ने एक बयान देकर ये कहा था कि एचआरएमएस पोर्टल के जरिये ही अब कर्मचारियों व अधिकारियों का एसीपी हो जाया करेगा लेकिन इस पर भी अमल नहीं हो पाया है। यहां ये बताना उचित होगा कि फाइनेंस विभाग अन्य सब विभागों पर एचआरएमएस पोर्टल के जरिये एसीपी करने के आदेश जारी कर रहा है, लेकिन विभाग के अपने ही चिराग तले अंधेरा है। जिन कर्मचारियों व अधिकारियों का एसीपी नहीं हुआ है उनमें जबरदस्त रोष है। विभाग के ये पीडि़त अनुभाग व लेखा अधिकारी इसे लेकर विभागाध्यक्ष से लेकर अन्य अधिकारियों तक अपनी गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. अधिकारियों का कहना है कि भले ही एचआरएमएस पोर्टल के जरिये एसीपी करने के आदेश फाइनेंस विभाग ने दे दिये हों लेकिन जिन लोगों के हाथ में एचआरएमएस पोर्टल की कमान है उन्हें ठीक से काम ही नहीं आता। यही वजह है कि अनुभाग व लेखा अधिकारियों को 14 माह बीत जाने के बाद भी एसीपी स्केल नहीं मिल पा रहे हैं।

फिलहाल अनुराग रस्तोगी वित्त सचिव के पद पर तैनात हैं और उन्हें निदेशक खजाना व लेखा विभाग एसीपी केस प्रस्तुत करता है। अधिकारियों का कहना है कि एचआरएमएस पोर्टल के जरिये जो निर्देश फाइनेंस विभाग की तरफ से दिये गए हैं,उन्हें शिक्षा विभाग को छोड़ दें तो अन्य कोई विभाग इनका पालन नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि शिक्षा विभाग को छोड़ कर बहुत सारे विभागों का एसीपी का काम लटका हुआ है। कर्मचारियों व अधिकारियों की दलील है कि गुड गवर्नेंस के मकसद से पोर्टलों पर काम शुरू किया गया था लेकिन धरातल पर मामला बिलकुल अलग है। कर्मचारियों व अधिकारियों को इन पोर्टलों को चलाने की सही से ट्रेनिंग नहीं है लिहाजा इसके चलते विभिन्न विभागों में एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन की राह तक रहे कर्मचारी बेहद परेशान हो रहे हैं।

रिपोर्ट- साजन शर्मा